आप की आँखें अगर शे'र सुनाने लग जाएँ हम जो ग़ज़लें लिए फिरते हैं, ठिकाने लग जाएँ
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा इस रात की तक़दीर सँवर जाए तो अच्छा जिस तरह से थोड़ी सी तेरे साथ कटी है बाक़ी भी उसी तरह गुज़र जाए तो अच्छा
Sahir Ludhianvi
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मत बताना कि बिखर जाएँ तो क्या होता है नईं नस्लों को नए ख़्वाब सजाने देना
Ameer Imam
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मैं उन्हीं आबादियों में जी रहा होता कहीं तुम अगर हँसते नहीं उस दिन मेरी तक़दीर पर
Zia Mazkoor
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जता दिया कि मोहब्बत में ग़म भी होते हैं दिया गुलाब तो काँटे भी थे गुलाब के साथ
Rehman Faris
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ख़मोश झील के पानी में वो उदासी थी कि दिल भी डूब गया रात माहताब के साथ
Rehman Faris
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तू ने बहुत ख़राब किया है मुझे मगर इस शे'र में ख़राब का मतलब कुछ और है
Rehman Faris
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हम पे कर ध्यान अरे चाँद को तकने वाले चाँद के पास तो मोहलत है सहर होने तक
Rehman Faris
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अगर हुकूमत तुम्हारी तस्वीर छाप दे नोट पर मेरी दोस्त तो देखना तुम कि लोग बिल्कुल फिजूलखर्ची नहीं करेंगे हमारे चंद अच्छे दोस्तों ने ये वा'दा ख़ुद से किया हुआ है कि शक्ल अल्लाह ने अच्छी दी है सो बातें अच्छी नहीं करेंगे
Rehman Faris
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