मैं उन्हीं आबादियों में जी रहा होता कहीं तुम अगर हँसते नहीं उस दिन मेरी तक़दीर पर
Related Sher
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
More from Zia Mazkoor
आप का काम हो गया साहब लाश दरिया में फेंक दी मैं ने
Zia Mazkoor
17 likes
कोई कहता नहीं था लौट आओ कि हम पैसे ही इतने भेजते थे तुम्हारा शुक्रिया ऐ डूबती नाव कि हम भी तैरना भूले हुए थे
Zia Mazkoor
33 likes
वक़्त ही कम था फ़ैसले के लिए वर्ना मैं आता मशवरे के लिए
Zia Mazkoor
54 likes
यहाँ से जाने की जल्दी किस को है तुम बताओ ये सूटकेसों में कपड़े किस ने रखे हुए हैं करा तो लूँगा इलाक़ा ख़ाली मैं लड़-झगड़ कर मगर जो उस ने दिलों पे क़ब्ज़े किए हुए हैं
Zia Mazkoor
43 likes
ऐसे तेवर दुश्मन ही के होते हैं पता करो ये लड़की किस की बेटी है
Zia Mazkoor
57 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Zia Mazkoor.
Similar Moods
More moods that pair well with Zia Mazkoor's sher.







