जता दिया कि मोहब्बत में ग़म भी होते हैं दिया गुलाब तो काँटे भी थे गुलाब के साथ

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Rehman Faris
@rehman-faris
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Sher
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Ghazal
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Nazm
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sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
हम पे कर ध्यान अरे चाँद को तकने वाले चाँद के पास तो मोहलत है सहर होने तक
sherKuch Alfaaz
ख़मोश झील के पानी में वो उदासी थी कि दिल भी डूब गया रात माहताब के साथ
sherKuch Alfaaz
तू ने बहुत ख़राब किया है मुझे मगर इस शे'र में ख़राब का मतलब कुछ और है
sherKuch Alfaaz
तेरे बिन घड़ियाँ गिनी हैं रात दिन नौ बरस ग्यारह महीने सात दिन
sherKuch Alfaaz
सदाएँ देते हुए और ख़ाक उड़ाते हुए मैं अपने आप से गुज़रा हूँ तुझ तक आते हुए
sherKuch Alfaaz
अगर हुकूमत तुम्हारी तस्वीर छाप दे नोट पर मेरी दोस्त तो देखना तुम कि लोग बिल्कुल फिजूलखर्ची नहीं करेंगे
sherKuch Alfaaz
कहानी ख़त्म हुई और ऐसी ख़त्म हुई कि लोग रोने लगे तालियाँ बजाते हुए
sherKuch Alfaaz
अकेलेपन से कहाँ तालमेल होता है खिलाड़ी इश्क़ में दो हों तो खेल होता है
sherKuch Alfaaz
ये क्या कि जब भी मिलो पूछ के बता के मिलो कभी करो मुझे हैरान अचानक आ के मिलो
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