aaram kya ki jis se ho taklif aur ko phenko kabhi na panw se kanta nikal ke what good relief if it may cause others any pain let the thorn embedded in your sole remain
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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लगता है कई रातों का जागा था मुसव्विर तस्वीर की आँखों से थकन झाँक रही है
Unknown
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इन का उठना नहीं है हश्र से कम घर की दीवार बाप का साया
Unknown
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कई जवाबों से अच्छी है ख़ामुशी मेरी न जाने कितने सवालों की आबरू रक्खे
Unknown
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ईद के बा'द वो मिलने के लिए आए हैं ईद का चाँद नज़र आने लगा ईद के बा'द
Unknown
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बोसा जो तलब मैं ने किया हँस के वो बोले ये हुस्न की दौलत है लुटाई नहीं जाती
Unknown
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