आतिश-ए-शौक़ यूँँ निराले हैं हम अलग ही मिज़ाज वाले हैं अक़रिबा दोस्तों की सूरत में साँप ख़ुद आस्तीं में पाले हैं
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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कौन सी बात है तुम में ऐसी इतने अच्छे क्यूँँ लगते हो
Mohsin Naqvi
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ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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ज़मीं पे घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं
Mehshar Afridi
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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ये अब से पहले हमेशा तमाशबीन लगी हयात मौत की आग़ोश में हसीन लगी
Shajar Abbas
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ये आज अपने आप से मिल कर ख़बर हुई हम वाक़ई में हाल से बे हाल हैं 'शजर'
Shajar Abbas
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ये आफ़ताब-ओ-क़मर कहकशाँ ख़ुदा की क़सम तुम्हारे चेहरा-ए-अनवर से नूर लेते हैं
Shajar Abbas
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वक़्त दो रिश्ते को थोड़ा सब सही हो जाएगा इस तरह अपने बिछड़ जाने से कुछ हासिल नहीं
Shajar Abbas
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वक़्त-ए-मुश्किल में हूँ इमदाद करो कुछ मेरी उम्र भर आप का एहसान नहीं भूलूँगा
Shajar Abbas
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