अब इस को अपनी हार कहूँ या कहूँ मैं जीत रूठा हुआ था मैं, वो मना ले गया मुझे
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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मैं जिस के हाथ में इक फूल दे के आया था उसी के हाथ का पत्थर मेरी तलाश में है
Krishna Bihari Noor
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मरने वालों को भी मिलते नहीं मरने वाले मौत ले जा के ख़ुदा जाने कहाँ छोड़ती है
Krishna Bihari Noor
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सच घटे या बढ़े तो सच न रहे झूट की कोई इंतिहा ही नहीं
Krishna Bihari Noor
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चाहे सोने के फ़्रेम में जड़ दो आइना झूट बोलता ही नहीं
Krishna Bihari Noor
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मैं तो ग़ज़ल सुना के अकेला खड़ा रहा सब अपने अपने चाहने वालों में खो गए
Krishna Bihari Noor
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