मैं जिस के हाथ में इक फूल दे के आया था उसी के हाथ का पत्थर मेरी तलाश में है
Related Sher
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
206 likes
हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
207 likes
More from Krishna Bihari Noor
मरने वालों को भी मिलते नहीं मरने वाले मौत ले जा के ख़ुदा जाने कहाँ छोड़ती है
Krishna Bihari Noor
28 likes
चाहे सोने के फ़्रेम में जड़ दो आइना झूट बोलता ही नहीं
Krishna Bihari Noor
30 likes
अब इस को अपनी हार कहूँ या कहूँ मैं जीत रूठा हुआ था मैं, वो मना ले गया मुझे
Krishna Bihari Noor
32 likes
मैं तो ग़ज़ल सुना के अकेला खड़ा रहा सब अपने अपने चाहने वालों में खो गए
Krishna Bihari Noor
52 likes
सच घटे या बढ़े तो सच न रहे झूट की कोई इंतिहा ही नहीं
Krishna Bihari Noor
36 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Krishna Bihari Noor.
Similar Moods
More moods that pair well with Krishna Bihari Noor's sher.







