सच घटे या बढ़े तो सच न रहे झूट की कोई इंतिहा ही नहीं
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
208 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
More from Krishna Bihari Noor
मैं जिस के हाथ में इक फूल दे के आया था उसी के हाथ का पत्थर मेरी तलाश में है
Krishna Bihari Noor
25 likes
मरने वालों को भी मिलते नहीं मरने वाले मौत ले जा के ख़ुदा जाने कहाँ छोड़ती है
Krishna Bihari Noor
28 likes
चाहे सोने के फ़्रेम में जड़ दो आइना झूट बोलता ही नहीं
Krishna Bihari Noor
30 likes
अब इस को अपनी हार कहूँ या कहूँ मैं जीत रूठा हुआ था मैं, वो मना ले गया मुझे
Krishna Bihari Noor
32 likes
मैं तो ग़ज़ल सुना के अकेला खड़ा रहा सब अपने अपने चाहने वालों में खो गए
Krishna Bihari Noor
52 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Krishna Bihari Noor.
Similar Moods
More moods that pair well with Krishna Bihari Noor's sher.







