अब तो गाँवो में भी ईंटों के महल बसने लगे गाँव की मिट्टी से वो ख़ुशबू रूहानी ख़ो गई
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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इस रण में जय और पराजय मेरी है तू गाण्डीव उठा, कर हमला आगे बढ़
Divy Kamaldhwaj
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रोते बच्चे पूछ रहे हैं मम्मी से कितना पानी और मिलाया जाएगा
Divy Kamaldhwaj
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मेरे भीतर नहीं लिखने की तड़पन है तड़पन, इस लिए मैं लिख रहा हूँ
Divy Kamaldhwaj
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मेरे भीतर नहीं लिखने की तड़पन है तड़पन, इस लिए मैं लिख रहा हूँ
Divy Kamaldhwaj
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अँधेरा खो गया है गाँव वालों सवेरा हो गया है गाँव वालों तुम्हें अब जागना ख़ुद ही पड़ेगा ये मुर्गा सो गया है गाँव वालों
Divy Kamaldhwaj
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