अभी ज़िंदा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा मैं घर से जब निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है
Related Sher
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
325 likes
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
Ismail Raaz
134 likes
तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
135 likes
मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
126 likes
More from Munawwar Rana
क़सम देता है बच्चों की, बहाने से बुलाता है धुआँ चिमनी का हम को कारख़ाने से बुलाता है
Munawwar Rana
24 likes
न जाने कैसी महक आ रही है बस्ती से वही जो दूध उबलने के बा'द आती है
Munawwar Rana
19 likes
इंसानों को जलवाएगी कल इस से ये दुनिया जो बच्चा खिलौना भी ज़मीं पर नहीं रखता
Munawwar Rana
21 likes
तुम भी साबित हुए कमज़ोर मुनव्वर राना ज़िन्दगी माँगी भी तुम ने तो दवा से माँगी
Munawwar Rana
31 likes
वो ज़ालिम मेरी हर ख़्वाहिश ये कह कर टाल जाता है दिसंबर जनवरी में कोई नैनीताल जाता है?
Munawwar Rana
26 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Munawwar Rana.
Similar Moods
More moods that pair well with Munawwar Rana's sher.







