अगर वो रूठ जाए तो तरीका ये नया करती कभी कंगन खनकते थे कभी पायल बजा करती बड़ी मुश्किल से ख़्वाबों को हक़ीक़त में बदलते थे गली से तब गुज़रता था वो चौखट पर हुआ करती
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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बातें नहीं करनी मुझे यार फिर भी उस शख़्स ने बातों में उलझा रखा है
Rudransh Trigunayat
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नहीं जी लगता जाने क्या हुआ है धड़कता दिल है मुँह उतरा हुआ है बहन ने माँ को कल ये भी बताया किसी चक्कर में ये बहका हुआ है
Rudransh Trigunayat
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ग़म हमें औलाद का है ग़ैर से शिकवा नहीं अब तुम्हें हम क्या बताएं क्या परेशानी हुई
Rudransh Trigunayat
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कंगन दिए काजल दिए फिर और दे झुमका दिया आँसू दिए सद में दिए फिर दे हमें धोखा दिया
Rudransh Trigunayat
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झूठ बोले वो मिरा यार नहीं हो सकता चाहकर भी तो नया प्यार नहीं हो सकता मैं अकेला हूँ बहुत मुझ पे है ज़िम्मेदारी काम हर इक तिरे अनुसार नहीं हो सकता
Rudransh Trigunayat
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