झूठ बोले वो मिरा यार नहीं हो सकता चाहकर भी तो नया प्यार नहीं हो सकता मैं अकेला हूँ बहुत मुझ पे है ज़िम्मेदारी काम हर इक तिरे अनुसार नहीं हो सकता
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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बातें नहीं करनी मुझे यार फिर भी उस शख़्स ने बातों में उलझा रखा है
Rudransh Trigunayat
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मैं रुठूगा कोई मुझे मनायेगा नहीं ये मेरा ग़म उस को कभी सतायेगा नहीं
Rudransh Trigunayat
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दस्त सींचा हाथ से इक पेड़ पर फल है नहीं अब तुम्हें हम क्या बताएँ क्या परेशानी हुई
Rudransh Trigunayat
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ग़म हमें औलाद का है ग़ैर से शिकवा नहीं अब तुम्हें हम क्या बताएं क्या परेशानी हुई
Rudransh Trigunayat
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नहीं जी लगता जाने क्या हुआ है धड़कता दिल है मुँह उतरा हुआ है बहन ने माँ को कल ये भी बताया किसी चक्कर में ये बहका हुआ है
Rudransh Trigunayat
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