मैं रुठूगा कोई मुझे मनायेगा नहीं ये मेरा ग़म उस को कभी सतायेगा नहीं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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बातें नहीं करनी मुझे यार फिर भी उस शख़्स ने बातों में उलझा रखा है
Rudransh Trigunayat
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मुझे तुम पर कोई ग़ुस्सा नहीं है तुम्हें वो छू गया अच्छा नहीं है मैं माँ से था मिलाने को तुम्हें, पर तुम्हारा इश्क़ भी सच्चा नहीं है
Rudransh Trigunayat
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नहीं जी लगता जाने क्या हुआ है धड़कता दिल है मुँह उतरा हुआ है बहन ने माँ को कल ये भी बताया किसी चक्कर में ये बहका हुआ है
Rudransh Trigunayat
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ग़ज़ब हिम्मत सुब्ह माँ से विदा बेटी हुई होगी बिछुड़ना माँ अभी उस सेे महज़ सपना समझती है सितम गर ये मुझे झूठा कहा तुम ने कयामत है क़सम खाकर कहूँ तो माँ अभी सच्चा समझती है
Rudransh Trigunayat
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मैं ख़ुश हूँ कम से कम वो साथ है मेरे अमाँ सब कुछ उसे पाना नहीं होता
Rudransh Trigunayat
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