sherKuch Alfaaz

ग़ज़ब हिम्मत सुब्ह माँ से विदा बेटी हुई होगी बिछुड़ना माँ अभी उस सेे महज़ सपना समझती है सितम गर ये मुझे झूठा कहा तुम ने कयामत है क़सम खाकर कहूँ तो माँ अभी सच्चा समझती है

Related Sher

वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या

Ankita Singh

98 likes

उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा

Iftikhar Naseem

95 likes

मेरे हुजरे में नहीं और कहीं पर रख दो आसमाँ लाए हो ले आओ ज़मीं पर रख दो

Rahat Indori

86 likes

चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है

Munawwar Rana

88 likes

लड़ सको दुनिया से जज़्बों में वो शिद्दत चाहिए इश्क़ करने के लिए इतनी तो हिम्मत चाहिए कम से कम मैं ने छुपा ली देख कर सिगरेट तुम्हें और इस लड़के से तुम को कितनी इज़्ज़त चाहिए

Nadeem Shaad

82 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Rudransh Trigunayat.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Rudransh Trigunayat's sher.