ग़ज़ब हिम्मत सुब्ह माँ से विदा बेटी हुई होगी बिछुड़ना माँ अभी उस सेे महज़ सपना समझती है सितम गर ये मुझे झूठा कहा तुम ने कयामत है क़सम खाकर कहूँ तो माँ अभी सच्चा समझती है
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
Ankita Singh
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उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा
Iftikhar Naseem
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मेरे हुजरे में नहीं और कहीं पर रख दो आसमाँ लाए हो ले आओ ज़मीं पर रख दो
Rahat Indori
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चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है
Munawwar Rana
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लड़ सको दुनिया से जज़्बों में वो शिद्दत चाहिए इश्क़ करने के लिए इतनी तो हिम्मत चाहिए कम से कम मैं ने छुपा ली देख कर सिगरेट तुम्हें और इस लड़के से तुम को कितनी इज़्ज़त चाहिए
Nadeem Shaad
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बातें नहीं करनी मुझे यार फिर भी उस शख़्स ने बातों में उलझा रखा है
Rudransh Trigunayat
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मैं रुठूगा कोई मुझे मनायेगा नहीं ये मेरा ग़म उस को कभी सतायेगा नहीं
Rudransh Trigunayat
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मुझे तुम पर कोई ग़ुस्सा नहीं है तुम्हें वो छू गया अच्छा नहीं है मैं माँ से था मिलाने को तुम्हें, पर तुम्हारा इश्क़ भी सच्चा नहीं है
Rudransh Trigunayat
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ग़म हमें औलाद का है ग़ैर से शिकवा नहीं अब तुम्हें हम क्या बताएं क्या परेशानी हुई
Rudransh Trigunayat
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दस्त सींचा हाथ से इक पेड़ पर फल है नहीं अब तुम्हें हम क्या बताएँ क्या परेशानी हुई
Rudransh Trigunayat
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