अक्सर ही ज़ख़्म इश्क़ में पाले हैं औरतें पर कितने टूटे मर्द सँभाले हैं औरतें
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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उदास लोग इसी बात से हैं ख़ुश कि चलो हमारे साथ हुए हादसों की बात हुई
Abhishar Geeta Shukla
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तुम को हम ही झूठ लगेंगे लेकिन दरिया झूठा है पहले हम को चाँद मिला था फिर दरिया को चाँद मिला
Abhishar Geeta Shukla
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सोचता हूँ वक़्त की तस्वीर जब मुझ सेे बनेगी तो भला उस की कलाई पर घड़ी कैसी लगेगी चाय उस से पूछ तो सकता हूँ मैं भी दोस्त,लेकिन सोचता हूँ कौन सा वो कहने भर से चल पड़ेगी
Abhishar Geeta Shukla
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तो डर रहे हैं आप कहीं हक़ न माँग ले या'नी कि सब को खौफ़ है औरत के नाम से
Abhishar Geeta Shukla
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दुख तो बहुत मिले हैं मोहब्बत नहीं मिली या'नी कि जिस्म मिल गया औरत नहीं मिली मुझ को पिता की आँख के आँसू तो मिल गए मुझ को पिता से ज़ब्त की आदत नहीं मिली
Abhishar Geeta Shukla
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