अपने ख़िलाफ़ फ़ैसला ख़ुद ही लिखा है आपने हाथ भी मल रहे हैं आप आप बहुत अजीब हैं
sherKuch Alfaaz
Pirzada Qasim20 Likes
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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इश्क़ से अपने कुछ चुने लम्हें अनकहे और अनसुने लम्हें आओ मिल कर जियें दुबारा से सर्द रातों के गुनगुने लम्हें
Sandeep Thakur
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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दिल ऐसा कि सीधे किए जूते भी बड़ों के ज़िद इतनी कि ख़ुद ताज उठा कर नहीं पहना
Munawwar Rana
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अपने बच्चों से बहुत डरता हूँ मैं बिल्कुल अपने बाप के जैसा हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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