sherKuch Alfaaz

तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ​ सोचा नहीं जाता

Abrar Kashif130 Likes

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दिया जला के सभी बाम-ओ-दर में रखते हैं और एक हम हैं इसे रह-गुज़र में रखते हैं समुंदरों को भी मालूम है हमारा मिज़ाज कि हम तो पहला क़दम ही भँवर में रखते हैं

Abrar Kashif

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अब के हम तर्क-ए-रसूमात कर के देखते हैं बीच वालों के बिना बात कर के देखते हैं इस सेे पहले कि कोई फ़ैसला तलवार करे आख़िरी बार मुलाक़ात कर के देखते हैं

Abrar Kashif

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करती है तो करने दे हवाओं को शरारत मौसम का तकाज़ा है कि बालों को खुला छोड़

Abrar Kashif

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घर की तक़्सीम में अँगनाई गँवा बैठे हैं फूल गुलशन से शनासाई गँवा बैठे हैं बात आँखों से समझ लेने का दावा मत कर हम इसी शौक़ में बीनाई गँवा बैठे हैं

Abrar Kashif

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हर एक लफ़्ज़ के तेवर ही और होते हैं तेरे नगर के सुख़न-वर ही और होते हैं तुम्हारी आँखों में वो बात ही नहीं ऐ दोस्त डुबोने वाले समुंदर ही और होते हैं

Abrar Kashif

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