sherKuch Alfaaz

बचपन में सीखी एक बात अब तक याद है ज़िन्दगी जितनी कम समझ आए उतनी आसान होती है ग़लती हो तो झुक जाया करो अपनों के सामने वरना एक शख़्स के चले जाने से ज़िन्दगी वीरान होती है

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वो कही मिले तो पूछना उस सेे बे-वफ़ाई की वजह क्या थी? उस का मोहब्बत से दिल भर गया था या कहीं और दिल लग गया था

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नींद ज़रूरी है कोई ख़्वाब देखने के लिए वो छत पे आई है महताब देखने के लिए कोई समझाये उसे की वो कोई हक़ीम नहीं वो ज़िद कर रही है मेरा अज़ाब देखने के लिए

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ये तेरी गली के बच्चें भी शैतानों के बाप है कहते है कि सारे जीजू में सब सेे अच्छे वाले आप है

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जब से देखा है उसे किसी और कि बाहों में तब से मैं चैन से सो नहीं पा रहा उस ने क़सम दी थी मुझे कभी न रोने की रोना तो चाहता हूँ, मगर रो नहीं पा रहा

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मैं ने तेरे मेरे लम्हों की एक डाइरी बनाई है अब मैं उस में हमारी सारी याद लिखता हूँ लोग कहते है की ये मोहब्बत कर के बर्बाद हो रहा है यार तुम ही बताओ क्या मैं बर्बाद दिखता हूँ

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