बचपन में सीखी एक बात अब तक याद है ज़िन्दगी जितनी कम समझ आए उतनी आसान होती है ग़लती हो तो झुक जाया करो अपनों के सामने वरना एक शख़्स के चले जाने से ज़िन्दगी वीरान होती है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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वो कही मिले तो पूछना उस सेे बे-वफ़ाई की वजह क्या थी? उस का मोहब्बत से दिल भर गया था या कहीं और दिल लग गया था
MANOBAL GIRI
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नींद ज़रूरी है कोई ख़्वाब देखने के लिए वो छत पे आई है महताब देखने के लिए कोई समझाये उसे की वो कोई हक़ीम नहीं वो ज़िद कर रही है मेरा अज़ाब देखने के लिए
MANOBAL GIRI
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ये तेरी गली के बच्चें भी शैतानों के बाप है कहते है कि सारे जीजू में सब सेे अच्छे वाले आप है
MANOBAL GIRI
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जब से देखा है उसे किसी और कि बाहों में तब से मैं चैन से सो नहीं पा रहा उस ने क़सम दी थी मुझे कभी न रोने की रोना तो चाहता हूँ, मगर रो नहीं पा रहा
MANOBAL GIRI
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मैं ने तेरे मेरे लम्हों की एक डाइरी बनाई है अब मैं उस में हमारी सारी याद लिखता हूँ लोग कहते है की ये मोहब्बत कर के बर्बाद हो रहा है यार तुम ही बताओ क्या मैं बर्बाद दिखता हूँ
MANOBAL GIRI
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