बद-नज़र उठने ही वाली थी किसी की जानिब अपने बेटी का ख़याल आया तो दिल काँप गया
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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मैं किसी तरह भी समझौता नहीं कर सकता या तो सब कुछ ही मुझे चाहिए या कुछ भी नहीं
Jawwad Sheikh
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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ख़्बाब आँखों में बंद कर लेते बात गर दिल की चंद कर लेते आप भी हो ही जाते दीवाने गर किसी को पसंद कर लेते
Sandeep Thakur
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देखा है बिछड़ कर के बिछड़ने का असर भी मुझ पर तो बहुत होता है उस पर नहीं होता
Nawaz Deobandi
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सच बोलने के तौर-तरीक़े नहीं रहे पत्थर बहुत हैं शहर में शीशे नहीं रहे
Nawaz Deobandi
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वो पूछते फिरते हैं मेरे बारे में सब सेे इक मेरा भी शाइ'र है उसे तुम ने सुना क्या?
Nawaz Deobandi
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तेरे आने की जब ख़बर महके तेरी ख़ुश्बू से सारा घर महके
Nawaz Deobandi
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हाल-ए-दिल सब सेे छुपाने में मज़ा आता है आप पूछें तो बताने में मज़ा आता है
Nawaz Deobandi
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