देखा है बिछड़ कर के बिछड़ने का असर भी मुझ पर तो बहुत होता है उस पर नहीं होता
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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सच बोलने के तौर-तरीक़े नहीं रहे पत्थर बहुत हैं शहर में शीशे नहीं रहे
Nawaz Deobandi
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वो पूछते फिरते हैं मेरे बारे में सब सेे इक मेरा भी शाइ'र है उसे तुम ने सुना क्या?
Nawaz Deobandi
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अंजाम उस के हाथ है आग़ाज़ कर के देख भीगे हुए परों से ही परवाज़ कर के देख
Nawaz Deobandi
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सच्चाई को अपनाना आसान नहीं दुनिया भर से झगड़ा करना पड़ता है
Nawaz Deobandi
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भूके बच्चों की तसल्ली के लिए माँ ने फिर पानी पकाया देर तक
Nawaz Deobandi
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