bahut tezab phaila hai gali-kuchon mein nafrat ka mohabbat phir bhi apne kaam se bahar nikalti hai
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरे बग़ैर भी कहती है मुझ से जीने को ये ज़िंदगी भी सही मशवरा नहीं देती
Waseem Nadir
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बस एक रस्म-ए-तअल्लुक़ निभाने बैठे हैं वगरना दोनों के कप में ज़रा भी चाय नहीं
Waseem Nadir
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हम चाहते थे मौत ही हम को जुदा करे अफ़्सोस अपना साथ वहाँ तक नहीं हुआ
Waseem Nadir
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रूमाल ले लिया है किसी माह-जबीन से कब तक पसीना पोंछते हम आस्तीन से ये आँसुओं के दाग़ हैं, आँसू ही धोएँगे ये दाग़ धुल न पाएँगे वाशिंग मशीन से
Waseem Nadir
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