बे-क़ाइदा रहे कि जहान-ए-अमल में कुछ दर्स-ए-वफ़ा तो यार तराशा न कीजिए
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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तुम बहारों में पले हो मैं ख़िज़ाँओं का ख़ुदा हूँ
Lekhak Suyash
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वादे तकल्लुफ़ होते हैं 'लेखक' कुछ करना तो कोशिश करना तुम
Lekhak Suyash
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नस्ल थे हम वो कि जिस ने गाँव तो देखे न थे शहर था इक वो भी अब तो जाँ-सिताँ सा हो गया
Lekhak Suyash
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उल्फ़त अगर न भी हो ख़राशा न कीजिए हम दोस्त हैं ये कह के तमाशा न कीजिए
Lekhak Suyash
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क्या करोगे बुलाकर ख़ुदा को वहाँ हो ज़रूरत अगर ना-ख़ुदा की जहाँ
Lekhak Suyash
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