भारत के उपकार को, मान रहे सब लोग रोग 'घटाने' के लिए, दिया विश्व को 'योग'
Related Sher
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा
Faiz Ahmad Faiz
106 likes
More from Divy Kamaldhwaj
रोते बच्चे पूछ रहे हैं मम्मी से कितना पानी और मिलाया जाएगा
Divy Kamaldhwaj
2 likes
भारत के उपकार को, मान रहे सब लोग रोग 'घटाने' के लिए, दिया विश्व को 'योग'
Divy Kamaldhwaj
14 likes
इस रण में जय और पराजय मेरी है तू गाण्डीव उठा, कर हमला आगे बढ़
Divy Kamaldhwaj
3 likes
गर उदासी, चिड़चिड़ापन, जान देना प्यार है माफ़ करना, काम मुझ को और भी हैं दोस्तो
Divy Kamaldhwaj
8 likes
सँभलने के लिए कर ली मुहब्बत मगर इस में फिसलना चाहिए था
Divy Kamaldhwaj
5 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Divy Kamaldhwaj.
Similar Moods
More moods that pair well with Divy Kamaldhwaj's sher.







