भूला नहीं हूँ माज़ी का अफ़साना गुज़रा कल ही है फ़िलहाल मेरा
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
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अब ज़रूरी तो नहीं है कि वो सब कुछ कह दे दिल में जो कुछ भी हो आँखों से नज़र आता है मैं उस सेे सिर्फ़ ये कहता हूँ कि घर जाना है और वो मारने मरने पे उतर आता है
Tehzeeb Hafi
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ये रब्त कब मिटे है यूँँ मिटाने से ये आग है जो बढ़ती है बुझाने से
Rohan Hamirpuriya
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ये हँसने गाने वाले लोग तस्वीरों में रह जाऍंगे
Rohan Hamirpuriya
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नज़रें मिलने का खेल ही तो इश्क़ का पहला बीज ठहरा
Rohan Hamirpuriya
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तेरे बिन आबाद है क़ैद से आज़ाद है
Rohan Hamirpuriya
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शुक्रिया दोस्त तेरी बे-वफ़ाई का अब निखरने लगी है शा'इरी मेरी
Rohan Hamirpuriya
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