भूलती कब हैं भला पिछली रुतों की सोहबतें हंस बैठा ही रहा सूखे हुए तालाब पर
Related Sher
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
114 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
More from Adeem Hashmi
इक खिलौना टूट जाएगा नया मिल जाएगा मैं नहीं तो कोई तुझ को दूसरा मिल जाएगा
Adeem Hashmi
37 likes
बिछड़ के तुझ सेे न देखा गया किसी का मिलाप उड़ा दिए हैं परिंदे शजर पे बैठे हुए
Adeem Hashmi
41 likes
फ़ासले ऐसे भी होंगे ये कभी सोचा न था सामने बैठा था मेरे और वो मेरा न था
Adeem Hashmi
94 likes
मिलना तो ख़ैर उस को नसीबों की बात है देखे हुए भी उस को ज़माना गुज़र गया
Adeem Hashmi
57 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Adeem Hashmi.
Similar Moods
More moods that pair well with Adeem Hashmi's sher.







