बिछड़ कर तुम सेे वो दिन ज़िन्दगी में लौट आए हैं तुम्हें अब चाँद में हम देखते हैं और सो जाते हैं
Related Sher
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
325 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
More from ATUL SINGH
तुम्हारी यादें हैं सो कैसे इनको भूल जाएँ हम भला कोई हवा के बिन जिया है और जी सकता है
ATUL SINGH
12 likes
जानता हूँ कि हवाएँ तुझे बहकाती हैं जा चराग़ों की तरह तू भी उजाला कर दे
ATUL SINGH
16 likes
बताओ मान लूँ कैसे कि ये मुमकिन नहीं है वो सारे ख़्वाब जो देखे थे हम ने सच न होंगे
ATUL SINGH
16 likes
वो शख़्स मेरे ग़म को समझे भी कैसे आख़िर चेहरे को पढ़ना तो उस को आता ही नहीं हैं
ATUL SINGH
18 likes
इश्क़ सब को है मगर सब तो वफ़ा करते नहीं हैं टूटता दिल है मगर सब प्यार में मरते नहीं हैं
ATUL SINGH
22 likes
Similar Writers
Our suggestions based on ATUL SINGH.
Similar Moods
More moods that pair well with ATUL SINGH's sher.







