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बस इक मैं ही जानूँ तिरी छुअन के जादू को छूते ही मेरी तस्वीर महकने लगती है

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उस रस्ते को ही छोड़ आया मैं तो फिर से रस्ते में आ गई मुहब्बत

Saurabh Chauhan 'Kohinoor'

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तिरी ख़ुशी के ख़ातिर जो लड़का मर मिटता हो मंदिर मस्जिद हर इक चौखट चौखट फिरता हो वो लड़का क्या लड़की की आबरू से खेलेगा जो पहली औलाद की ख़्वाहिश बेटी रखता हो

Saurabh Chauhan 'Kohinoor'

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कब तलक तन्हा गुज़रेगी ये ज़िंदगी अब तो शादी रचा मान जा मान जा

Saurabh Chauhan 'Kohinoor'

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मैं बातों से छोटा बच्चा लगता हूँ हाँ थोड़ा सा राह से भटका लगता हूँ हँसती हुई वो कितनी प्यारी लगती है मैं रोते हुए कितना अच्छा लगता हूँ

Saurabh Chauhan 'Kohinoor'

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तेरी तस्वीर जब वो दिखाने लगे हम भी धीरे से फिर मुस्कुराने लगे होश खो ही दिया देख कर के तुझे एक लम्हे में हम यूँँ ठिकाने लगे

Saurabh Chauhan 'Kohinoor'

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