बस इक मैं ही जानूँ तिरी छुअन के जादू को छूते ही मेरी तस्वीर महकने लगती है
Related Sher
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
302 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
More from Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
उस रस्ते को ही छोड़ आया मैं तो फिर से रस्ते में आ गई मुहब्बत
Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
1 likes
तिरी ख़ुशी के ख़ातिर जो लड़का मर मिटता हो मंदिर मस्जिद हर इक चौखट चौखट फिरता हो वो लड़का क्या लड़की की आबरू से खेलेगा जो पहली औलाद की ख़्वाहिश बेटी रखता हो
Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
1 likes
कब तलक तन्हा गुज़रेगी ये ज़िंदगी अब तो शादी रचा मान जा मान जा
Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
1 likes
मैं बातों से छोटा बच्चा लगता हूँ हाँ थोड़ा सा राह से भटका लगता हूँ हँसती हुई वो कितनी प्यारी लगती है मैं रोते हुए कितना अच्छा लगता हूँ
Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
1 likes
तेरी तस्वीर जब वो दिखाने लगे हम भी धीरे से फिर मुस्कुराने लगे होश खो ही दिया देख कर के तुझे एक लम्हे में हम यूँँ ठिकाने लगे
Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Saurabh Chauhan 'Kohinoor'.
Similar Moods
More moods that pair well with Saurabh Chauhan 'Kohinoor''s sher.







