चले तो पाँव के नीचे कुचल गई कोई शय नशे की झोंक में देखा नहीं कि दुनिया है
sherKuch Alfaaz
Shahab Jafri13 Likes
Related Sher
कोई हसीन बदन जिन की दस्तरस में नहीं यही कहेंगे कि कुछ फ़ाएदा हवस में नहीं
Umair Najmi
109 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
आज का दिन भी ऐश से गुज़रा सर से पाँव तक बदन सलामत है
Jaun Elia
166 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shahab Jafri.
Similar Moods
More moods that pair well with Shahab Jafri's sher.







