चश्में को मैं उतार देता पर छूट जाते नज़ारे सारे फिर
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मेरी चाहत किसी आँगन की तुलसी है मैं कैसे घर में लाऊँ माँ कोई तुलसी
100rav
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तुझे मैं ज़िंदगी की इक ज़रूरत था मुझे तू जीने की ख़ातिर ज़रूरी है
100rav
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किसी की चाह में गया मैं कृष्ण की शरण में फिर शरण में कृष्ण की किसी की चाह ही नहीं रही
100rav
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सभी कहते हैं दुनिया गोल है तो तू फिर से क्यूँ नहीं टकराता मुझ सेे
100rav
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बे-वफ़ा लड़की के ग़म में एक लड़का बे-वफ़ाई कर गया माँ बाप के साथ
100rav
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