दफ़्न का एक दिन मुअय्यन है मौत तो रोज़ का मुआमिला है
Related Sher
रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
307 likes
मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
285 likes
बे-दिली क्या यूँँही दिन गुज़र जाएँगे सिर्फ़ ज़िंदा रहे हम तो मर जाएँगे
Jaun Elia
105 likes
दिन में मिल लेते कहीं रात ज़रूरी थी क्या? बेनतीजा ये मुलाक़ात ज़रूरी थी क्या मुझ सेे कहते तो मैं आँखों में बुला लेता तुम्हें भीगने के लिए बरसात ज़रूरी थी क्या
Abrar Kashif
83 likes
साथ चलते जा रहे हैं पास आ सकते नहीं इक नदी के दो किनारों को मिला सकते नहीं उस की भी मजबूरियाँ हैं मेरी भी मजबूरियाँ रोज़ मिलते हैं मगर घर में बता सकते नहीं
Bashir Badr
85 likes
More from Rajesh Reddy
दोस्तों का क्या है वो तो यूँँ भी मिल जाते हैं मुफ़्त रोज़ इक सच बोल कर दुश्मन कमाने चाहिएँ
Rajesh Reddy
0 likes
दरवाज़े के अंदर इक दरवाज़ा और छुपा हुआ है मुझ में जाने क्या क्या और
Rajesh Reddy
18 likes
देर तक हँसते रहे आलमपनाह डर के मारे मस्ख़रे रोने लगे
Rajesh Reddy
31 likes
वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब हम सेे हमारी रात के जुगनू भी ले गया
Rajesh Reddy
29 likes
बना कर हम ने दुनिया को जहन्नुम ख़ुदा का काम आसाँ कर दिया है
Rajesh Reddy
31 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rajesh Reddy.
Similar Moods
More moods that pair well with Rajesh Reddy's sher.







