दोस्तों का क्या है वो तो यूँँ भी मिल जाते हैं मुफ़्त रोज़ इक सच बोल कर दुश्मन कमाने चाहिएँ
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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आसमाँ ने बंद कर लीं खिड़कियाँ अब ज़मीं में उस की दिलचस्पी नहीं
Rajesh Reddy
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दरवाज़े के अंदर इक दरवाज़ा और छुपा हुआ है मुझ में जाने क्या क्या और
Rajesh Reddy
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देर तक हँसते रहे आलमपनाह डर के मारे मस्ख़रे रोने लगे
Rajesh Reddy
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बना कर हम ने दुनिया को जहन्नुम ख़ुदा का काम आसाँ कर दिया है
Rajesh Reddy
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वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब हम सेे हमारी रात के जुगनू भी ले गया
Rajesh Reddy
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