दर्द आँखों में आया उतर कर इस तरह मैं ने ख़ुद को सज़ा दी
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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उम्र भर सामने नज़रो के उसे रखना था मैं ने उस चाँद की तस्वीर पे आँखें रख दी
Lokesh Singh
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ज़ीस्त में जब भी कभी घबरा गया आप की मौजूदगी महसूस की
Lokesh Singh
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जलता रहा चराग़ बयाबान में जहाँ हम भी चले गए वहाँ पर बेबसी के साथ
Lokesh Singh
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सताती बहुत है बदन की उदासी यहाँ कौन रोता है अपनी ख़ुशी से
Lokesh Singh
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बाँध दे शोर को पैरों तले अब तू भी बशर ज़िस्म को छोड़ के वीरान कहाँ जाता है
Lokesh Singh
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