दिल-ए-बीमार की यारों दवा क्यूँ पूछते हो तुम तुम्हें मालूम है फिर भी पता क्यूँ पूछते हो तुम किया जो इश्क़ तो जानाँ नफ़ा नुक़सान मत देखो मुहब्बत में मिली कैसे सज़ा क्यूँ पूछते हो तुम
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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तन पर रंग चढ़ाती होली या फिर भंग पिलाती होली होली सारे भेद मिटाए सम रस ढंग बढ़ाती होली
Jitendra "jeet"
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वो मैं था जो उस की हर हाँ में शामिल नइँ था बस इस कारण ही तो मैं उस के क़ाबिल नइँ था उस दिल के दफ़्तर में मिल तो जाता काम मुझे हाँ पास मेरे रिश्वत में देने को दिल नइँ था
Jitendra "jeet"
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ये अमीरी इश्क़ पर भारी हुई जब से सो लगा है जिस्म का बाज़ार कमरे में
Jitendra "jeet"
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ये ख़ुदा तू तो ये जानता है कितने तरसे हैं इक शख़्स को हम
Jitendra "jeet"
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थककर हम भी इक दिन प्यार भुला बैठे अब महफ़िल में यार कमाने आए हैं
Jitendra "jeet"
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