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ये अमीरी इश्क़ पर भारी हुई जब से सो लगा है जिस्म का बाज़ार कमरे में

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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे

Vikram Gaur Vairagi

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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं

Umair Najmi

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क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं

Tehzeeb Hafi

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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं

Azhar Iqbal

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हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से

Zia Mazkoor

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तन पर रंग चढ़ाती होली या फिर भंग पिलाती होली होली सारे भेद मिटाए सम रस ढंग बढ़ाती होली

Jitendra "jeet"

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वो मैं था जो उस की हर हाँ में शामिल नइँ था बस इस कारण ही तो मैं उस के क़ाबिल नइँ था उस दिल के दफ़्तर में मिल तो जाता काम मुझे हाँ पास मेरे रिश्वत में देने को दिल नइँ था

Jitendra "jeet"

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ये ख़ुदा तू तो ये जानता है कितने तरसे हैं इक शख़्स को हम

Jitendra "jeet"

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दिल-ए-बीमार की यारों दवा क्यूँ पूछते हो तुम तुम्हें मालूम है फिर भी पता क्यूँ पूछते हो तुम किया जो इश्क़ तो जानाँ नफ़ा नुक़सान मत देखो मुहब्बत में मिली कैसे सज़ा क्यूँ पूछते हो तुम

Jitendra "jeet"

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रो रो के खो गई है मेरी आँख की नमी अब तो हमारी आँख में दरिया नहीं रहा

Jitendra "jeet"

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