फ़िक्र से बे-फ़िक्र थे अब फ़िक्र है घेरे हुए वो ज़माना और था अब ये ज़माना और है
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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वो ज़माना गुज़र गया कब का था जो दीवाना मर गया कब का
Javed Akhtar
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ये जो हिजरत के मारे हुए हैं यहाँ अगले मिसरे पे रो के कहेंगे कि हाँ
Ali Zaryoun
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यही बहुत है मिरे ग़म में तुम शरीक हुए मैं हॅंस पड़ूँगा अगर तुम ने अब दिलासा दिया
Imran Aami
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उसी की तरह मुझे सारा ज़माना चाहे वो मिरा होने से ज़्यादा मुझे पाना चाहे
Kumar Vishwas
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मेरे मालिक मेरे मौला तेरा बस इक सहारा हो जहाँ को जीत लाऊँ मैं तेरा बस इक इशारा हो
Krishnavat Ritesh
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नज़र से नज़र को मिलाओ तो जानूँ लबो पे लबो को सजाओ तो जानूँ अगर मुझ से करते हो इतनी मोहब्बत मोहब्बत मैं मर कर दिखाओ तो जानूँ
Krishnavat Ritesh
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ये माथे पे जो कुमकुम है ये कानों में जो बाली है मेरे गर्दन में जो चमके वही कुंदन बना लूँगा
Krishnavat Ritesh
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हम ने सोचा था तुम को सजाऍंगे जी अपनी दुल्हन तुम्हें हम बनाऍंगे जी मारकर जाओगी हम ने सोचा न था ग़ैर की बाहों में तुम को पाएँगे जी
Krishnavat Ritesh
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तेरी राधा दीवानी है तेरी मीरा दीवानी है तेरी तो ऐ मेरे गिरधर पूरी दुनिया दीवानी है
Krishnavat Ritesh
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