गाड़ी अपनी थी पर सामान पराया था या'नी इस चोरी में नुक़सान पराया था
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बात ही कब किसी की मानी है अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी ये कलाई ये जिस्म और ये कमर तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी
Jaun Elia
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तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है
Zubair Ali Tabish
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रंग की अपनी बात है वर्ना आख़िरश ख़ून भी तो पानी है
Jaun Elia
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एहसान तेरा पिछला चुकाया नहीं गया मुश्किल में अबकी बार बुलाया नहीं गया मैं तुझ सेे मिलने आ गया हूँ तेरे शहर तक और तुझ सेे रेलगाड़ी तक आया नहीं गया
Tanoj Dadhich
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मुझ को फिर से हसीन लगने लगी उस ने इस तरह पेश की दुनिया मुझ को अपनी समझ नहीं आती और ऊपर से ये तेरी दुनिया
Tajdeed Qaiser
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तेरे बिन दिल उदास रहता है इस लिए तेरे पास रहता है
Govind kumar
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फिर से इस दिल को सहारा चाहिए तेरे जैसा ही दुबारा चाहिए
Govind kumar
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आँख से जब पानी बहता है दिल तब जाके सच कहता है अपना दिल भी है कैसा दिल हर पल बस रोता रहता है
Govind kumar
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क्या सफ़र की ख़ूब याँ शुरुआत होती है और आख़िर में यहाँ बस मात होती है
Govind kumar
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जो भी इक बार बिछड़े इस जहाँ में, फिर कभी मिलते नहीं संसार मेला है
Govind kumar
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