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ग़लत बातों को ख़ामोशी से सुनना हामी भर लेना बहुत हैं फ़ाएदे इस में मगर अच्छा नहीं लगता

Javed Akhtar37 Likes

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क़स में, वादे, दरवाज़े तो ठीक हैं पर ख़ामोशी को तोड़ नहीं सकता हूँ मैं

Tanoj Dadhich

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अकेलेपन से कहाँ तालमेल होता है खिलाड़ी इश्क़ में दो हों तो खेल होता है न लेना इश्क़ के पर्चे में सौ से कम नंबर यहाँ निनानवे वाला भी फेल होता है

Rehman Faris

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सब को बचाओ ख़ुद भी बचो फ़ासला रखो अब और कुछ करो न करो फ़ासला रखो ख़तरा तो मुफ़्त में भी नहीं लेना चाहिए घर से निकल के मोल न लो फ़ासला रखो

Jawwad Sheikh

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मैं कैसे मान लूँ कि इश्क़ बस इक बार होता है तुझे जितनी दफ़ा देखूँ मुझे हर बार होता है तुझे पाने की हसरत और डर ना-कामियाबी का इन्हीं दो तीन बातों से ये दिल दो चार होता है

Bhaskar Shukla

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मैं किस से पूछूँ ये रस्ता दुरुस्त है कि ग़लत जहाँ से कोई गुज़रता नहीं वहाँ हूँ मैं

Umair Najmi

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