haal-e-dil sunte nahin ye kah ke khush kar dete hain phir kabhi fursat mein sun lenge kahani aap ki
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ग़ैरों से तो फ़ुर्सत तुम्हें दिन रात नहीं है हाँ मेरे लिए वक़्त-ए-मुलाक़ात नहीं है
Lala Madhav Ram Jauhar
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भाँप ही लेंगे इशारा सर-ए-महफ़िल जो किया ताड़ने वाले क़यामत की नज़र रखते हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
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नाला-ए-बुलबुल-ए-शैदा तो सुना हँस हँस कर अब जिगर थाम के बैठो मिरी बारी आई
Lala Madhav Ram Jauhar
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मेरी ही जान के दुश्मन हैं नसीहत वाले मुझ को समझाते हैं उन को नहीं समझाते हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
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मुँह पर नक़ाब-ए-ज़र्द हर इक ज़ुल्फ़ पर गुलाल होली की शाम ही तो सहर है बसंत की
Lala Madhav Ram Jauhar
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