hum hain asir-e-zabt ijazat nahin hamein ro pa rahe hain aap badhai hai roiye
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तन्हाई से चौंके जो कभी ख़ुद को पुकारा ख़ामोशी से घबराए तो ज़ंजीर हिला दी
Abbas Qamar
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जब तक जला ये हम भी जले इस के साथ साथ जब बुझ गया चराग़ तो सोना पड़े हमें
Abbas Qamar
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हालत-ए-हाल से बेगाना बना रक्खा है ख़ुद को माज़ी का निहाँ-ख़ाना बना रक्खा है
Abbas Qamar
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मैं पीछे भागने वालों में सब से आगे हूँ ये मेरी आख़िरी कोशिश है ख़ुद को पाने की
Abbas Qamar
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मेरे कमरे में उदासी है क़यामत की मगर एक तस्वीर पुरानी सी हँसा करती है
Abbas Qamar
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