हर बात हर किसी को बताया न कीजिए हम सेे मगर निगाहें चुराया न कीजिए आग़ोश में आ कर के बहक जाए ना कहीं हर शख़्स को गले से लगाया न कीजिए
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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ज़ख़्म ये उन को भी दिखाना है जो समझते हैं सब फ़साना है
Akash Rajpoot
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ज़ख़्म पुराने भर जाएँगे जब भी, दुनिया देखेंगे सारी दुनिया याद करेगी ऐसी दुनिया देखेंगे एक दफ़ा दिल टूट गया तो हार नहीं ना मानेंगे फिर से इश्क़ करेंगे यारों, हम भी दुनिया देखेंगे
Akash Rajpoot
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तिरे जाने से मैं तन्हा नहीं था तुम्हारी याद ने तन्हा किया है
Akash Rajpoot
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अभी तक याद है वो दिन कि जब महबूब रोए थे लिपट कर के गले से उन के हम भी खूब रोए थे
Akash Rajpoot
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कोई ग़म है न सितम है न ही तन्हाई है हम को फ़ुर्सत है कि हम याद तुम्हें करते हैं
Akash Rajpoot
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