हौसला देख मेरा झुक गया वो पर्वत भी वो जिसे नाज़ था ख़ुद की कभी ऊँचाई पर
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धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
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तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
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वो ज़माना गुज़र गया कब का था जो दीवाना मर गया कब का
Javed Akhtar
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जानता हूँ कि हवाएँ तुझे बहकाती हैं जा चराग़ों की तरह तू भी उजाला कर दे
ATUL SINGH
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तुम्हारी यादें हैं सो कैसे इनको भूल जाएँ हम भला कोई हवा के बिन जिया है और जी सकता है
ATUL SINGH
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दुआएँ साथ जिस के हो वतन की वो क्या जाने कि रण में हार क्या है
ATUL SINGH
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वो शख़्स मेरे ग़म को समझे भी कैसे आख़िर चेहरे को पढ़ना तो उस को आता ही नहीं हैं
ATUL SINGH
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जी रहा था देख कर जिस शख़्स को ये ज़िंदगी मैं एक अर्सा हो गया है, वो दिखा मुझ को नहीं है
ATUL SINGH
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