हज़ार रंग में मुमकिन है दर्द का इज़हार तिरे फ़िराक़ में मरना ही क्या ज़रूरी है
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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दर्द जाएगा तो कुछ कुछ जाएगा पर देखना चैन जब जाएगा तो सारा का सारा जाएगा कुछ नहीं बोला तो मर जाएगा अंदर से 'शुजाअ' और अगर बोला तो फिर बाहरस मारा जाएगा
Shuja Khawar
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सरसरी अंदाज़ से देखोगे तो महफ़िल ही महफ़िल ग़ौर से देखोगे तो हर आदमी तन्हा लगेगा
Shuja Khawar
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मेरे हालात को बस यूँँ समझ लो परिंदे पर शजर रक्खा हुआ है
Shuja Khawar
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दिल में नफ़रत हो तो चेहरे पे भी ले आता हूँ बस इसी बात से दुश्मन मुझे पहचान गए
Shuja Khawar
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ख़ुदा ने चाहा तो सब इंतिज़ाम कर देंगे ग़ज़ल पे आए तो मतले में काम कर देंगे
Shuja Khawar
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