दिल में नफ़रत हो तो चेहरे पे भी ले आता हूँ बस इसी बात से दुश्मन मुझे पहचान गए
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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दर्द जाएगा तो कुछ कुछ जाएगा पर देखना चैन जब जाएगा तो सारा का सारा जाएगा कुछ नहीं बोला तो मर जाएगा अंदर से 'शुजाअ' और अगर बोला तो फिर बाहरस मारा जाएगा
Shuja Khawar
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मेरे हालात को बस यूँँ समझ लो परिंदे पर शजर रक्खा हुआ है
Shuja Khawar
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हज़ार रंग में मुमकिन है दर्द का इज़हार तिरे फ़िराक़ में मरना ही क्या ज़रूरी है
Shuja Khawar
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या तो जो ना-फ़हम हैं वो बोलते हैं इन दिनों या जिन्हें ख़ामोश रहने की सज़ा मालूम है
Shuja Khawar
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सरसरी अंदाज़ से देखोगे तो महफ़िल ही महफ़िल ग़ौर से देखोगे तो हर आदमी तन्हा लगेगा
Shuja Khawar
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