हम में कभी मोहब्बत फिर से जगाए आए फिर इक दफ़ा हमें वो ज़िंदा बनाए आए
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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उस के दिल से कोई आख़िर हम निकालें और कैसे जो हक़ीक़त है हक़ीक़त को भुला दें और कैसे
Nikunj Rana
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उसे शायद भुलाने के तरीक़े में अरे हम याद कर बैठे तरीक़े में
Nikunj Rana
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ज़िंदा रहने की उम्र होती हो जीने की कोई उम्र नहीं होती
Nikunj Rana
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ज़्यादा समझने वालो में से हम हैं ही नहीं कह दो वो बातें तुम ने कभी जो कही नहीं
Nikunj Rana
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माना यूँँ हमारे कोई सफ़र नहीं मिलते हर किसी को हम जैसे हम सफ़र नहीं मिलते
Nikunj Rana
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