उस के दिल से कोई आख़िर हम निकालें और कैसे जो हक़ीक़त है हक़ीक़त को भुला दें और कैसे
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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उस की इक तस्वीर का जब जब बदलना होता है मेरे इस दिल का धड़कना थमना थमना होता है
Nikunj Rana
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पहले कह साफ़ करना है बेहतर ज़िन्दगी भर सताया नहीं जाता
Nikunj Rana
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ज़िंदा रहने की उम्र होती हो जीने की कोई उम्र नहीं होती
Nikunj Rana
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ज़्यादा समझने वालो में से हम हैं ही नहीं कह दो वो बातें तुम ने कभी जो कही नहीं
Nikunj Rana
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सुना है ये तिरे हमदर्द के जैसे नहीं हैं हम मोहब्बत में ये तुम भी जान लो कोई नहीं है कम
Nikunj Rana
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