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हुस्न की मत नुमाइश किया कीजिए यूँँ न बे-पर्दा छत पर दिखा कीजिए

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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं

Rahat Indori

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मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है

Rajesh Reddy

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पड़ी रहने दो इंसानों की लाशें ज़मीं का बोझ हल्का क्यूँँ करें हम

Jaun Elia

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जौन' उठता है यूँँ कहो या'नी 'मीर'-ओ-'ग़ालिब' का यार उठता है

Jaun Elia

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