ज़ुल्म की इंतिहा बुरी होगी सोच कर बस ये मर गया कोई
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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यूँँ सितम उस ने माँ पे ढाया है माँ के ज़ेवर ही बेच आया है चापलूसी है करता बीवी की और माँ को फ़क़त सताया है
Zafar Siddqui
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तुम यक़ीं मत मशीन पर रखना पाँव अपने ज़मीन पर रखना वो ज़फ़र जाल में फँसाएगा तुम नज़र उस हसीन पर रखना
Zafar Siddqui
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ये तुम्हें क्या हुआ है क्या ग़म है तुम बताओ तो आँख क्यूँ नम है एक ही घूँट में शिफ़ा होगी पीके देखो ये आब-ए-ज़मज़म है
Zafar Siddqui
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सब हमीं पर ही लाज़मी है क्या तुम भी वा'दा कभी करो कोई
Zafar Siddqui
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प्यास बुझती नहीं होंठ सूखे पड़े हाल क्या हो गया ग़म के बाज़ार में रात कटती है बिस्तर पे करवट में अब चैन लूटा है तू ने सनम प्यार में
Zafar Siddqui
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