सब हमीं पर ही लाज़मी है क्या तुम भी वा'दा कभी करो कोई
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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यूँँ सितम उस ने माँ पे ढाया है माँ के ज़ेवर ही बेच आया है चापलूसी है करता बीवी की और माँ को फ़क़त सताया है
Zafar Siddqui
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ये तुम्हें क्या हुआ है क्या ग़म है तुम बताओ तो आँख क्यूँ नम है एक ही घूँट में शिफ़ा होगी पीके देखो ये आब-ए-ज़मज़म है
Zafar Siddqui
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ज़ुल्म की इंतिहा बुरी होगी सोच कर बस ये मर गया कोई
Zafar Siddqui
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जो अदब की है पहचान पढ़ता हूँ मैं मीर-ओ-ग़ालिब का दीवान पढ़ता हूँ मैं मत पढ़ाओ मुझे पाठ नफ़रत का तुम अम्न जिस में है क़ुरआन पढ़ता हूँ मैं
Zafar Siddqui
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मुहब्बत ये मुहब्बत वो मुहब्बत सिवाए दर्द-ओ-ग़म के कुछ नहीं है
Zafar Siddqui
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