मुहब्बत ये मुहब्बत वो मुहब्बत सिवाए दर्द-ओ-ग़म के कुछ नहीं है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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यूँँ सितम उस ने माँ पे ढाया है माँ के ज़ेवर ही बेच आया है चापलूसी है करता बीवी की और माँ को फ़क़त सताया है
Zafar Siddqui
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यार की यार से जुदाई है हिज्र की याद से लड़ाई है ग़म से मेरा उदास है बिस्तर याद तेरी 'ज़फर' जो आई है
Zafar Siddqui
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वो बड़े ही सख़्त तेवर में दिखा है इश्क़ के भी आज फ़ेवर में दिखा है हो गई काफ़ूर चेहरे की कशिश भी हिज्र का ग़म उस के ज़ेवर में दिखा है
Zafar Siddqui
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ज़ुल्म की इंतिहा बुरी होगी सोच कर बस ये मर गया कोई
Zafar Siddqui
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जो अदब की है पहचान पढ़ता हूँ मैं मीर-ओ-ग़ालिब का दीवान पढ़ता हूँ मैं मत पढ़ाओ मुझे पाठ नफ़रत का तुम अम्न जिस में है क़ुरआन पढ़ता हूँ मैं
Zafar Siddqui
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