इधर मिट्टी भी मेरी उठ नहीं पाई मिरे घर से उधर हाथों में मेहँदी भी लगा ली शौक़ से उस ने
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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यहाँ पर मसअला मुश्किल नहीं होता जुदा करना कभी तो आशिक़ों के हाल पर जा कर दुआ करना
Sagar Sahab Badayuni
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मौत मुझ को साथ ले जाने खड़ी है बस परेशानी यही बीमार हूँ मैं
Sagar Sahab Badayuni
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हम सेे दिल से उस ने सिर्फ़ रिहाई माँगी दिल रोया हँस कर आज़ाद किया पर हम ने
Sagar Sahab Badayuni
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ये नसीहत भी तुझे है दूर रहना देख मेरा हाल ही बीमार हूँ मैं
Sagar Sahab Badayuni
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तुम लोग बस ऐसे उठा लेना जनाज़ा ये मिरा जैसे किसी डोली में दुल्हन को उठा कर चलते हैं
Sagar Sahab Badayuni
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